5 मिनट मे 32 Bit और 64 Bit के बारे मे सब जान जाओगे।

5 मिनट मे 32 Bit और 64 Bit के बारे मे सब जान जाओगे।
32bitvs64bit

दोस्तों आपने 64 Bit और 32 Bit के बारे में जरूर सुना होगा लेकिन यह होता है क्या है?

आपने अक्सर लोगों के मुंह से ही सुना होगा, 64 Bit का विंडोज़ डाल दो यार नहीं तो 32 Bit का विंडोज डाल दो।

तो आज की इस पोस्ट मे मैं यही बताऊंगा कि 64 Bit और 32 Bit में क्या फर्क होता है?

और बस इनका फर्क ही नहीं बताऊंगा, मैं यह भी बताऊंगा कि यह क्या चीज है? और इसका क्या लॉजिक है?

अगर आपको इसके बारे मे थोड़ा-बहुत भी मालूम है तो फिर भी मैं आपसे यही रीक्वेस्ट करूंगा कि इस ब्लॉग को आखिर तक जरूर पढे हो सकता है आपको कुछ नया सीखने को मिले।

और यदि आपको इसके बारे मे बिल्कुल भी नहीं मालूम है तो आपको टेंशन लेने की जरूरत नहीं है। मैं आपको इसकी पूरी जानकारी दूंगा और इसे समझा कर ही दम लूंगा।  

चलिए शुरू करते हैं। देखिए बीट की जो कहानी है वो प्रोसेसर्स शुरू होती है।

अब आप सोच रहे होंगे, नहीं जी हमने तो सुना है कि विंडोज मे Bit होता है, 64 बिट विंडोज और 32 बिट विंडोज।  

कुछ लोग सोचते होंगे, नहीं हमने तो सॉफ्टवेयर के बारे में सुना है कि सॉफ्टवेयर 64 बिट का होता है नहीं तो 32 बिट का होता है।

सबसे पहले जो Bit होता है वो प्रोसेसर से शुरू होता है। अलग-अलग Bit के कंप्यूटर का प्रोसेसर होता है जैसे 64 Bit का या 32 Bit का।

फिर आएगा ऑपरेटिंग सिस्टम जैसे विंडोज जो होगा 64 Bit का या 32 Bit का।

और सबसे आखरी में होता है सॉफ्टवेयर। जो आप अपने ऑपरेटिंग सिस्टम में सॉफ्टवेयर डालते हो या विंडोज में सॉफ्टवेयर डालते हो, वह भी 64 Bit और 32 BIt दोनों में आता है।

यदि कुल मिलाकर देखा जाए तो यहाँ 3 चीज है, पहला प्रोसेसर 32 bit और 64 bit का, दूसरा ऑपरेटिंग सिस्टम 32 bit और 64 bit का और तीसरा होता हो सॉफटवारेस 32 bit और 64 bit का जो हमने अपने कंप्युटर मे इंस्टॉल कर रखा है।

तो सबसे पहले जब हम कंप्युटर खरीदते तो उसके साथ आता है प्रोसेसर। अब प्रोसेसर या तो 32 bit का होता था या फिर 64 bit का।

अब सिर्फ प्रोसेसर लेके तो हमारा काम होगा नहीं, उसके लिए कंप्युटर मे ऑपरेटिंग सिस्टम जैसे विंडोज़ डालना होगा। तो 32 Bit और 64 Bit प्रोसेसर के अनुसार ऑपरेटिंग सिस्टम भी आया 32 Bit और 64 Bit का।

अब हमारे कंप्युटर मे प्रोसेसर आ गया और ऑपरेटिंग सिस्टम भी आ गया। लेकिन हमे काम करने लिए अलग अलग सॉफ्टवेयर भी चाहिए।

अब जैसे प्रोसेसर के अनुसार ऑपरेटिंग सिस्टम आया, ठीक उसी तरह 32 Bit वाले ऑपरेटिंग सिस्टम के लिए 32 Bit का सॉफ्टवेयर बनाया गया और 64 Bit वाले ऑपरेटिंग सिस्टम के लिए 64 बिट का सॉफ्टवेयर बनाया गया।

तो इसी तरह सबसे पहले आया प्रोसेसर, फिर ऑपरेटिंग सिस्टम, और फिर सॉफटवारेस।

अभी तक तो हमे यह समझ मे आ गया की कौन किसकी वजह से आया हो और क्यूँ आया है?

और अभी तक हम यह भी समझ गए की पूरा लफड़ा प्रोसेसर से चालू होता है।

अब हम आगे यह समझेंगे की 32 Bit क्या है? 64 Bit क्या है? और यह 64 Bit क्यू आया है?

तो 32 Bit और 64 Bit के बारे मे समझने से पहले हमे Bit के बारे मे जानकारी होना बहुत जरूरी है।

तो सबसे पहले हम समझते की Bit क्या है?

हम यहाँ सबसे पहले 1 Bit क्या होता और 2 Bit क्या होता है? इसी तरह 3 Bit क्या होता है, यह समझेंगे। इनको समझते समझते आप 32 Bit और 64 Bit को भी बड़ी आसानी से सीख लेंगे।

आपने कहीं न कहीं यह जरूर सुन होगा की कंप्युटर जो है, वो Binary Language (बाइनरी भाषा) पे चलता है।

Binary Language सिर्फ 0 और 1 डिजिट पके अनुसार ही काम करता है। अगर सीधे शब्दों मे कहा जाए तो कंप्युटर कोई भी काम करता है और जो भी जानकारी और डाटा सेव करता है 0 और 1 की डिजिट के अनुसार ही करता है।

हमारे प्रोसेसर के लिए 0 और 1 यह एक तरह से एड्रैस की तरह होता है। हमारा प्रोसेसर जो कुछ भी ढूँढता है, तो 0 और 1 के रूप मे ढूँढता है। और कोई भी जानकारी को 0 और 1 के रूप मे ही सेव करता है।

चलिए अब Bit को समझते है की यह कैसे काम करता है?

नीचे आपको एक टेबल दिया है जिसमे Bit से जुड़ी कुछ जानकारी है। इसे हम एक एक करके डिटेल्स मे जनेगें।  

1 Bit: मान लीजिए हमारे पास 1 Bit है। ऊपर दिए टेबल से हम समझ सकते है की 1 Bit मे कंप्युटर 0 और 1 की  2 ही वैल्यू रख सकता है।

2 Bit: अब उसी तरह यदि हमारे पास 2 Bit है, तो कंप्युटर की पास 4 वैल्यू रखने और याद करने की क्षमता है।

3 Bit: और यदि हमारे पास 3 Bit है, तो कंप्युटर 0 और 1 की सिर्फ 8 वैल्यू को रख और याद कर सकता है।

 4 Bit: अब हम इसे और बढ़ाए 4 Bit तक, तो कंप्युटर 0 और 1 की 16 वैल्यू रख और याद कर सकता है।

तो यहाँ हम जीतने भी Bit बढ़ाएंगे, तो आप देखेंगे की पिछले वाले Bit की वैल्यू 2 मे गुणा हो जाएगा। जैसे यदि Bit को 5 कर दु, तो इसकी वैल्यू पिछले वाले Bit यानी 4 Bit की वैल्यू मे 2 से गुणा हो जाएगी। जैसे 16 x 2 = 32। मतलब 5 Bit मे हम 32 वैल्यू रख सकते है।

एक तरह से देखा जाए तो Bit की Value, 2 का वर्ग होती है। यानि अगर किसी Bit की Value हमे निकालना है। तो उस Bit की संख्या का 2 पे वर्ग निकाल ले और आपको यह पता चल जाएगा की उस Bit के अंदर कितनी वैल्यू रखी जा सकती है।

जैसे यदि मुझे 8 Bit की वैल्यू रखने की क्षमता जानना है तो मैं 2का वर्ग निकाल लूँगा, जोकी 256 है। यही हो जाएगी 8 Bit के वैल्यू रखने की क्षमता।

नीचे मैंने 1 Bit से लेकर 32 Bit तक के वैल्यू रखने की क्षमता को बताया है।

यहाँ पे जो वैल्यू होती है वो Byte मे होती है। अगर आप 32 की वैल्यू देखे तो 4294967296 byte है जिसे याद करना थोड़ा मुस्किल होता है इसीलिए इसे छोटा करने के लिए इसे Byte से KB (Kilo Byte), फिर MB (Mega Byte), फिर GB (Giga Byte) मे कन्वर्ट करते है। जिसे नीचे टेबल मे बताया गया है।

32 Bit
2^324294967296Byte
4294967296/10244194304KB (Kilobyte)
4194304/10244096MB (Megabyte)
4096/10244GB (Gigabyte)

अगर हम 32 Bit की वैल्यू रखने की क्षमता को सबसे छोटी संख्या मे कन्वर्ट करते है तो वह GB मे कन्वर्ट होगा जोकी 4 GB होता है। यानी 32 Bit मे कंप्युटर 4 GB का डाटा ही याद रख सकता है।

इसका सीधा मतलब यह है की हम 32 Bit के प्रोसेसर वाले कम्प्यूटर मे 4 GB की RAM का ही उपयोग कर सकते है। 32 Bit प्रोसेसर के कंप्युटर मे आप 4 GB से ज्यादा की RAM नहीं लगा सकता है। और लगाते भी तो कंप्युटर उसे लेगा नहीं।

धीरे धीरे टेक्नॉलजी बढ़ती चली गई और बाजार मे नए नए सॉफ्टवेयर आने लगे जिनके लिए 4 GB RAM बहुत ही कम था और इसमे मे बड़े बड़े सॉफ्टवेयर सही तरीके से नहीं चल रहे थे। इसीलिए फिर आया 64 Bit का प्रोसेसर।

जिस तरह हमने 32 Bit की वैल्यू को सबसे छोटी वैल्यू 4 GB तक कन्वर्ट किया। ठीक उसी तरह हम 64 Bit की वैल्यू को सबसे छोटी वैल्यू मे कन्वर्ट करते है तो हम उसे 16 EB (Exa Byte) जोकी बहुत ही ज्यादा है। यानी हम 64 Bit वाले प्रोसेसर मे दिल खोले RAM लगा सकता है।

64 Bit
2^641.84467E+19Byte
1.84467E+19/10241.80144E+16KB (Kilobyte)
1.80144E+16/10241.75922E+13MB (Megabyte)
1.75922E+13/102417179869184GB (Gigabyte)
17179869184/102416777216TB (Terabyte)
16777216/102416384PB (Petabyte)
16384/102416EB (Exa Byte)

अब कुछ लोग बोलेंगे इतनी RAM लगा ले तो हमारा कंप्युटर सुपर फास्ट हो जाएगा। नहीं ऐसा नहीं है सिर्फ कंप्युटर मे ज्यादा RAM लगाने से कंप्युटर सुपर फास्ट नहीं होता उसमे प्रोसेसर का भी बहुत बड़ा योगदान होता है।

प्रोसेसर सिर्फ दो ही कम्पनियाँ बनाती है एक Intel और दूसरा AMD।

सबसे पहले 64 Bit का प्रोसेसर AMD कंपनी द्वारा 2003 मे लाया गया था। जोकी Athlon और Opteron के रूप मे लॉन्च किया गया था।   

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Satish Dhawale

मुझे कंप्यूटर शिक्षण के क्षेत्र में 14 साल का अनुभव है, मैं NRIT संस्थान में ट्यूटर हूँ जहाँ मैंने 14 वर्षों के अंतराल में 40000 से अधिक छात्रों को कंप्यूटर शिक्षा दी। उसके बाद मैंने अपना YouTube चैनल Learn More शुरू किया, जहाँ लोगों ने मेरी शिक्षण शैली को पसंद किया और उनके प्यार से मैं सफल रहा हूँ। आज मेरे पास 7 यूट्यूब चैनल हैं। मैंने अपनी ब्लॉगिंग वेबसाइट भी शुरू की है जहाँ आप अभी हैं। यहाँ मैं कंप्यूटर, MS Office, Tally, MSCIT, Photoshop आदि के बारे में सभी महत्वपूर्ण और ज्ञानवर्धक जानकारी प्रदान करता हूँ। हमारे शैक्षिक मंच www.learnmorepro.com जहां हम सस्ते दर पर कंप्यूटर कोर्स प्रदान करते हैं।

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